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वो शराब पीती है, शॉर्ट स्कर्ट पहनती है, सुंदर भी है.... मतलब उसका प्रमोशन पक्का !!!

Posted On: 3 Jul, 2014 Others में

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“कुछ दिन पहले ही तो वो ऑफिस में आई थी और आज देखो कैसे हमारे बॉस उसके आगे-पीछे घूम रहे हैं. जरूर उसने कोई ऐसी तरकीब अपनाई होगी जिससे बॉस भी उसकी बातों में आ गए हैं.” अकसर ऐसी बातें हम हर दूसरे ऑफिस में सुनते हैं और सुने भी क्यूं ना, औरत को कमजोर समझने वाले लोग उसकी काबीलियत को देखकर तरह-तरह की बातें जो बनाते हैं. चाहे वो अच्छी भावना से कोई काम करे या फिर बुरी भावना से, उसके व्यवहार को कुछ और ही रूप दे दिया जाता है.


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आए दिन एक स्त्री अपने कार्यस्थल पर तमाम फिजूल के आरोपों का शिकार होती है. वो उन आरोपों को गलत साबित करते-करते भी थक जाती है और कई बार तो अंत में हार मान लेना उसे न्याय मिलने से भी ज्यादा बेहतर लगता है. लेकिन आज हम आपको सफलता की ऊंचाइयां छू रहीं उन महिलाओं के वक्तव्यों से परिचित करवाने जा रहे हैं जो अपने कॅरियर के दौरान दुर्भावना की शिकार हुई थीं. उनके वक्तव्य हर उस महिला के लिए हिम्मत का स्त्रोत हैं जिन्हें अपने कार्यस्थल पर अपेक्षाओं से गुजरना पड़ा और साथ ही उन सभी लोगों के लिए एक ‘तमाचा’  जो बेवजह ही स्त्री की सफलता को उसके चरित्र से जोड़ देते हैं:


उसे ना समझें कमजोर


एक महिला अपने कार्यस्थल पर उतनी ही मेहनती होती है जितना कि कोई दूसरा व्यक्ति. यदि उसके कारण कंपनी को कोई सफलता मिली है तो उसका श्रेय उसी को जाता है. उसके सहकर्मचारियों को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि यदि वो ठान ले तो किसी भी क्षेत्र में अपना लोहा मनवा सकती है.


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कृप्या बदतमीजी ना ही करें


यदि ऑफिस पार्टी के दौरान किसी महिला कर्मचारी ने शराब का सेवन किया है और वो आपके साथ बैठकर खुशी से वक्त बिता रही है तो ये ना समझें कि अब समय कुछ अलग बातें करने का है. उसके व्यवहार व समय का गलत लाभ उठाना आप पर भी भारी पड़ सकता है.

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‘किसने कहा मेरा उससे कोई रिश्ता है?’


अब तो हद ही हो गई. यदि एक स्त्री कार्यस्थल पर किसी दूसरे पुरुष के साथ खुशी-खुशी खाना खाती है या फिर कुछ देर बैठकर बातें करती है तो किसने कहा कि उन दोनों के बीच में सिर्फ दोस्ती नहीं इससे भी अधिक कुछ है? इस संदर्भ  में कमी उस स्त्री में नहीं बल्कि शक़ करने वाले इंसान में है.


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हमारी स्कर्ट देखने की जगह जरा काम पर ध्यान दीजिए


यदि ऑफिस में किसी पुरुष का ध्यान काम से ज्यादा महिला कर्मचारी द्वारा पहनी गई स्कर्ट पर है तो भला इसमें गलती उस महिला की कैसे हुई? इसीलिए कहा गया है कि यदि आप उनकी स्कर्ट देखने की जगह अपने काम पर ध्यान दें तो बेहतर होगा.


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भगवान ने मुंह तो आपको भी दिया है


ऐसा कार्यस्थल पर अक्सर देखने को मिलता है जब 2-3 महिलाओं का गुट कॉफी की मशीन के आसपास खड़ा बातों में लगा है. लेकिन यह समझ नहीं आता कि ऐसा करने पर उन्हें ‘गॉसिप क्वीन’ का खिताब क्यूं दिया जाता है? अब यदि कोई पुरुष कर्मचारी वहां खड़े होकर बातें कर रहा है तो उसे इस खिताब से दूर क्यूं रखा जाए?


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अब यह कोई आसान काम नहीं


यदि किसी कंपनी में उसकी एचआर टीम यानि कि मानव संसाधन टीम में महिलाएं ज्यादा हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि एक महिला किसी और क्षेत्र को नहीं संभाल सकती बल्कि वे कार्यस्थल पर कर्मचारियों को एक पुरुष से कई गुणा बेहतर तरीके से मैनेज कर सकती है.


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मेरा काम ही मेरी पहचान है


‘बॉस को मेरा काम अच्छा लगा इसीलिए प्रमोशन हुआ, अब इसमें आप कुछ और सोचते हैं तो आपकी गलती है’. ऐसा कहां लिखा है कि जब भी एक महिला कर्मचारी, कार्यस्थल पर अपने काम में तरक्की पाती है तो उसका श्रेय उसकी सुंदरता या अपनी ओर खींचने वाले आकर्षण पर जाता है? यदि आप मस्तिष्क को साफ रख कर सोचें तो हो सकता है कि उसके कार्य की गति आपसे कई गुणा बेहतर थ, इसीलिए वो तरक्की की हकदार भी है.


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हम हैं मल्टीटैलेंटेड


कंपनी का काम और फिर घर पर काम, इन सब को बखूबी संभालना ही बेहतरीन महिला की निशानी है. यदि कार्य में उसकी लगन व प्रतिभा उसे आगे बढ़ाती है तो इसे आप ‘चापलूसी’ का नाम नहीं दे सकते.


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इन सभी बातों से यह स्पष्ट होता है कि कार्यस्थल पर एक महिला कर्मचारी के लिए सिर्फ समय पर काम खत्म करना ही उसकी इकलौती चुनौती नहीं है बल्कि काम के साथ-साथ इन फिजूल की बातों की शिकार होने से बचना भी महत्पूर्ण हो गया है. अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि एक महिला होना और फिर हिम्मत दिखाकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना बेहद कठिन है.


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Web Title : women-exploitation-in-corporate-world



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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shilpa के द्वारा
July 3, 2014

This not only harassment if the females dont give boost to male ego the managers harass them by not giving promotions ,no increment and bad rating i am going through this myself


topic of the week



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