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‘शरीर तो बेचा था पर वेश्या बनने के लिए नहीं’

Posted On: 8 Sep, 2013 Others में

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वेश्यावृति की परिभाषा बहुत सरल है पर केवल समाज के उन लोगों के लिए जो सिर्फ वेश्यावृति के रूप में उन महिलाओं को देखते हैं जो चंद पैसों के बदले अपने शरीर को बेच देती हैं. अंतिम बार हमने आपसे वादा किया था कि हम आपको वेश्यावृति की सही परिभाषा समझाएंगे पर माफी मांगते हैं इस वादे को पूरा ना करने के लिए क्योंकि हम आपको वेश्यावृति की परिभाषा स्वयं नहीं समझाएंगे बल्कि ऐसी कुछ कहानियां आपको सुनाएंगे जिससे आप स्वयं ही इस शब्द के स्पष्टीकरण को अपनी खुली आंखों से देख पाएंगे.


‘बचपन में मां ने पूरे तन पर ओढ़नी ओढ़ा दी पर क्यों और कब वक्त ऐसा आया कि स्वयं ही मैंने उस ओढ़नी को हजारों मर्दों के सामने उतार दिया’

छोटे शहरों में भी बलात्कार की घटनाएं होती हैं


इस लाइन को पढ़ने के बाद आपके मन में औरत नाम के लिए थोड़ा भावनात्मक एहसास जरूर आया होगा मगर इस मेहरबानी को औरत जाति पर करने से पहले थोड़ा रुकिए क्योंकि शायद हो सकता है हमारी लिखी कहानियों को पढ़ने के बाद आपको इस शब्द का इस्तेमाल करने की जरूरत ही ना पड़े.


हर शाम जला करती हूं इस कोठे पर

हर शाम बोली लगा करती है इस कोठे पर

इस कोठे ने मेरे शरीर की कीमत लगा दी

और नाम वेश्या का दे दिया

पर उस मर्द का क्या

जो हर शाम मेरे कोठे पर आया करता है

क्या वो किसी नाम का हकदार नहीं


इन पंक्तियों को जरा ध्यान से पढ़िए. मर्दवादी समाज का दोगला चेहरा नजर आएगा जिसमें उसने अपने शरीर की कीमत लगाने वाली औरत को वेश्या का नाम दे दिया पर जो मर्द उसके पास अपने शरीर की भूख मिटाने आता है उसे नाम देना भूल गया. कभी-कभी समाज का दोगला चेहरा देख हंसी आती है कि शरीर बेचने वाली वेश्या है पर उसके शरीर को खरीदने वाले का क्या नाम है यह मर्दवादी समाज ने अपने बनाए कानून में बताया ही नहीं.

पत्नी को डंडे से पीटते हैं एक्टर ओम पुरी


हां, कभी-कभी औरत के शरीर की बोली लगाने वाले को दलाल जरूर बोल देते हैं पर यहां भी औरत के शरीर का उपभोग करने वाले के नाम का उल्लेख नहीं है. आपको हमारी बातों से लग रहा होगा कि शायद हम वेश्यावृति के पक्ष में बात कर रहे हैं पर ऐसा नहीं है हम तो बस यह बोलना चाह रहे हैं कि जब शरीर बेचने वाली वेश्या है तो फिर औरत के शरीर की कीमत लगाकर उसको उपभोग करने वाले व्यक्ति को क्यों कोई नाम नहीं दिया गया!!


इन सब सवालों से भी परे एक सवाल है जिसे आपने कभी सोचा तो होगा पर मर्दवादी समाज से पूछने की हिम्मत नहीं दिखाई होगी. जरा सोचिए आधुनिक युग में बहुत से मर्द भी अपने शरीर को बेचकर धन कमा रहे हैं क्या उन्हें भी आप वेश्या बोलते हैं? फिर क्यों समाज में ऐसी सोच बना दी गई है कि वेश्यावृति शब्द को केवल औरत के नाम से ही जोड़कर देखा जाता है. इस मुद्दे पर आगे लिखने के लिए आपकी राय हमारे लिए बहुत महत्व रखती है. हमारे द्वारा पूछे गए सवालों पर अपनी राय जरूर दीजिए.


Web Title: prostitution in india



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7 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Gautam के द्वारा
November 29, 2014

बहुत सही बिलकुल ही उचित मुद्दा है ऐसा हॊना चाहियॆ।

Rohit के द्वारा
November 27, 2014

अरे भाई जो लोग उनके पास जाते है उन्हें कस्टमर कहते है — और जो मर्द अपना शरीर बेचते है उन्हें प्ले बॉय कहते है — (उतर १.) कस्टमर ( उतर २.) प्ले बॉय……………………

    Master के द्वारा
    November 28, 2014

    This is so penic.no buddy like this job its very true.

Daya shankar Prajapati के द्वारा
November 27, 2014

आप ने बिलकुल सही प्रश्न पूछा है ? सायद ही किसी के पास इसका उत्तर हो पर हम उन बैस्या को सलाम करते हैं जो अपना सरीर बेच कर मासूम माँ बहनो की रक्छा करती है वरना हमारे भारत में इतने बलात्कार हो की सायद हम सोच भी न पाये ……. अगर आप सहमत हो तो एक मेल जरूर करना dayashankar.sfimg@gmail.com 7895077799

    madhu के द्वारा
    November 28, 2014

    esa system aaj se nahi purane jamane se chala aa raha hai……kya kuch esa nahi ho sakta ki ye khatam hi ho jaye …….fir kisi prostitute ko salam karne ki jaroorat nahi hogi….aap log (gentleman ) hi en sab ke responsible hai…….just think…..suggest our govt. or try to make chang in ur socity……respect ur women…..and u will be repacted…….

shama के द्वारा
September 11, 2013

बहुत सही लिखा है आपने…वेश्यावृत्ति के केंद्र में महिला नहीं पुरुष ही होता है…पुरुषों की लोलुप निगाहों की प्यास बुझाने के लिए कभी किसी महिला को जबरदस्ती इसमें धकेल दिया जाता है तो कभी वह खुद अपनी जिंदगी की सांसे चलने के लिए खुद को इसमें झोंक देती है. लेकिन केंद्र में हमेशा महिला ही नजर आती है…उस पुरुष को कोई वेश्या नहीं बोलता जो इसमें बराबर का शरीक होता है. अगर वह वेश्या कई पुरुषों के साथ सोती है और वेश्या कहलाती है तो उस पुरुष को भी वेश्या ही कहा जाना चाहिए जो जाने कितनी महिलाओं के साथ सोता है जिसे वह वेश्या कहता है…मुद्दे कई हैं पर केंद्र में वेश्या कहलाने का यह मुद्दा सबसे ज्यादा दर्दनाक है…

Lavanya Vilochan के द्वारा
September 9, 2013

वाह वाह क्या बात है कितना सही लिखा है. कि जब शरीर बेचने वाली औरत को वेश्या कहा जाता है तो फिर शरीर खरीदने वाले को कोई नाम क्यों नहीं दिया जाता है?क्यों समाज इस सवाल को हमेशा नजर अंदाज करता आया हैं.कही नजर अंदाज करने की वजह पुरूषवादी समाज तो नहीं ???


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